top of page
Kumar Rishank

Kumar Rishank

एडमिन
अधिक कार्रवाइयाँ

प्रोफ़ाइल

शामिल होने की तारीख: 9 जून 2025

पोस्ट (64)

6 जन॰ 20262  मिनट
सेप्सिस (Sepsis) का खतरा: बिहार के मरीजों के लिए भगंदर का 'झोला-छाप' इलाज क्यों जानलेवा है?
बिहार  के वैशाली, सारण और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में दीवारों और खंभों पर अक्सर "बिना ऑपरेशन भगंदर का 100% पक्का इलाज" के विज्ञापन चिपके मिलते हैं। भगंदर (Bhagandar)  की शर्मिंदगी झेल रहे मरीजों को ये "झोला-छाप" डॉक्टर एक आसान और सस्ता रास्ता लगते हैं। लेकिन आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर)  में हम अक्सर इन गलत इलाजों के नतीजे देखते हैं: ऐसे मरीज जो गंभीर संक्रमण, शरीर की मांसपेशियों को नुकसान और जानलेवा स्थिति में हमारे पास पहुँचते हैं। अनधिकृत इलाज के छिपे हुए खतरे झोला-छाप डॉक्टर अक्सर बिना...

0
0
3 जन॰ 20262  मिनट
भगंदर के मरीजों के लिए सही आहार: सत्तू और हरी सब्जियां कैसे पहुंचाती हैं फायदा
आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर)  में हम अपने मरीजों से अक्सर कहते हैं कि सफल सर्जरी केवल 50% इलाज है। बाकी का 50% आपके खान-पान पर निर्भर करता है। बिहार  का हमारा पारंपरिक खान-पान प्राकृतिक रूप से फाइबर से भरपूर है, लेकिन आजकल ज्यादा तेल-मसाले वाले "लिट्टी-चोखा" या तले हुए पकौड़ों के शौक के कारण पुरानी कब्ज (Kabz)  की समस्या आम हो गई है। भगंदर (Bhagandar)  के मरीज के लिए कब्ज सबसे बड़ा दुश्मन है। कड़ा मल ठीक हो रही 'नली' पर दबाव डालता है, जिससे दर्द बढ़ सकता है और संक्रमण वापस आने का खतरा रहता...

0
0
31 दिस॰ 20253  मिनट
भगंदर बार-बार क्यों होता है? पूरी 'नली' को हटाने का महत्व और पक्का इलाज
एक मरीज के लिए इससे ज्यादा निराशाजनक कुछ नहीं होता कि वह भगंदर (Bhagandar)  का दर्दनाक इलाज कराए और कुछ महीनों बाद फिर से मवाद और दर्द वापस आ जाए। बिहार  में आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर)  में हम ऐसे कई मरीजों को देखते हैं जिन्होंने पहले 2, 3 या 5 बार इलाज करवाया, लेकिन उनकी समस्या हल नहीं हुई। उनका एक ही सवाल होता है: "डॉक्टर साहब, मेरा भगंदर बार-बार क्यों वापस आ जाता है?" इसका जवाब भगंदर की बनावट और गलत तरीके से किए गए आधे-अधूरे इलाज में छिपा है, जो अक्सर स्थानीय झोला-छाप डॉक्टरों या कम...

0
0
bottom of page