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सेप्सिस (Sepsis) का खतरा: बिहार के मरीजों के लिए भगंदर का 'झोला-छाप' इलाज क्यों जानलेवा है?

  • लेखक की तस्वीर: Kumar Rishank
    Kumar Rishank
  • 6 दिन पहले
  • 2 मिनट पठन

बिहार के वैशाली, सारण और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में दीवारों और खंभों पर अक्सर "बिना ऑपरेशन भगंदर का 100% पक्का इलाज" के विज्ञापन चिपके मिलते हैं। भगंदर (Bhagandar) की शर्मिंदगी झेल रहे मरीजों को ये "झोला-छाप" डॉक्टर एक आसान और सस्ता रास्ता लगते हैं।

लेकिन आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) में हम अक्सर इन गलत इलाजों के नतीजे देखते हैं: ऐसे मरीज जो गंभीर संक्रमण, शरीर की मांसपेशियों को नुकसान और जानलेवा स्थिति में हमारे पास पहुँचते हैं।


अनधिकृत इलाज के छिपे हुए खतरे

झोला-छाप डॉक्टर अक्सर बिना धुले औजारों, "तेजाबी" लेप या बिना जांचे-परखे धागों का इस्तेमाल करते हैं। इससे तीन बड़े खतरे पैदा होते हैं:

  1. सेप्सिस (Sepsis - खून में जहर फैलना):

    अगर भगंदर के संक्रमण को गंदे औजारों से छेड़ा जाए या उसमें देसी पाउडर भर दिया जाए, तो संक्रमण खून में फैल सकता है। इसे सेप्सिस कहते हैं। इसमें तेज बुखार, कंपकंपी और शरीर के अंगों का काम बंद करना शामिल है। यह एक इमरजेंसी स्थिति है जो जानलेवा हो सकती है।

  2. कंट्रोल खो देना (Anal Incontinence):

    मलद्वार के आसपास की मांसपेशियां मल को रोकने का काम करती हैं। झोला-छाप डॉक्टर अक्सर नली को साफ करने के चक्कर में इन नाजुक मांसपेशियों को काट देते हैं। इससे मरीज की मल रोकने की शक्ति हमेशा के लिए खत्म हो सकती है—यह स्थिति भगंदर से भी कहीं ज्यादा भयानक है।

  3. बीमारी का और जटिल होना:

    गलत तरीके से की गई 'छाल-पछाल' के कारण अंदर कई नए रास्ते बन जाते हैं और घाव सख्त हो जाता है। जो भगंदर पहले आसानी से ठीक हो सकता था, वह इतना उलझ जाता है कि बाद में किसी विशेषज्ञ डॉक्टर के लिए भी उसे ठीक करना मुश्किल हो जाता है।


सही अस्पताल और 'झोला-छाप' क्लीनिक में फर्क कैसे करें?

लक्षण

झोला-छाप / सड़क छाप क्लीनिक

आशीर्वाद हेल्थकेयर (विशेषज्ञ)

जांच

केवल देखकर अंदाज लगाना।

MRI या USG से 'नली' का रास्ता मापना।

सफाई

खुले में इलाज; पुराने औजार।

अत्याधुनिक OT और शत-प्रतिशत सफाई।

तरीका

अनजान रसायन या खुरदरा धागा।

लेजर सर्जरी या आधुनिक माइक्रो-सर्जरी।

डिग्री

कोई वैध सर्जिकल डिग्री (MS) नहीं।

अनुभवी और योग्य सर्जन।

आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) की प्रतिबद्धता

हम समझते हैं कि भगंदर एक संवेदनशील समस्या है और "ऑपरेशन" का डर ही लोगों को झोला-छाप डॉक्टरों के पास ले जाता है। इसीलिए हम लेजर इलाज (Laser Treatment) की सुविधा देते हैं—जो उतना ही आसान है जितना कि विज्ञापनों में किया गया "बिना ऑपरेशन" का वादा, लेकिन इसमें एक आधुनिक अस्पताल की सुरक्षा, विज्ञान और स्वच्छता शामिल है।


आपका जीवन किसी 'गारंटी' वाले सस्ते इलाज से कहीं ज्यादा कीमती है। भगंदर होने पर किसी झोला-छाप डॉक्टर को अपनी जिंदगी और भविष्य खराब न करने दें।

भगंदर के सुरक्षित, वैज्ञानिक और स्थायी इलाज के लिए आज ही आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) आएं।


Book Appointment:

Whatsapp - 9934034444

Patna - 9835240597

Biharsharif - 06112-233502

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