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भगंदर बार-बार क्यों होता है? पूरी 'नली' को हटाने का महत्व और पक्का इलाज

  • लेखक की तस्वीर: Kumar Rishank
    Kumar Rishank
  • 31 दिस॰ 2025
  • 3 मिनट पठन

एक मरीज के लिए इससे ज्यादा निराशाजनक कुछ नहीं होता कि वह भगंदर (Bhagandar) का दर्दनाक इलाज कराए और कुछ महीनों बाद फिर से मवाद और दर्द वापस आ जाए। बिहार में आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) में हम ऐसे कई मरीजों को देखते हैं जिन्होंने पहले 2, 3 या 5 बार इलाज करवाया, लेकिन उनकी समस्या हल नहीं हुई।

उनका एक ही सवाल होता है: "डॉक्टर साहब, मेरा भगंदर बार-बार क्यों वापस आ जाता है?"

इसका जवाब भगंदर की बनावट और गलत तरीके से किए गए आधे-अधूरे इलाज में छिपा है, जो अक्सर स्थानीय झोला-छाप डॉक्टरों या कम अनुभवी क्लीनिकों द्वारा किया जाता है।


1. खरपतवार की जड़ वाली समस्या (अधूरा निष्कासन)

भगंदर को अपने खेत की किसी ऐसी घास या खरपतवार की तरह समझें जिसकी जड़ें जमीन के अंदर गहरी हों।

  • 'नली' का रास्ता: भगंदर एक नली की तरह होता है जिसका एक सिरा मलद्वार के अंदर और दूसरा बाहर की त्वचा पर होता है।

  • विफलता का कारण: अगर डॉक्टर केवल बाहर का हिस्सा साफ करता है लेकिन अंदरूनी सुराख या नली का कोई छोटा सा हिस्सा छोड़ देता है, तो संक्रमण अंदर ही दबा रह जाता है। कुछ ही महीनों में वह एक नई नली बना लेता है और मवाद फिर से रिसने लगता है।

2. छिपी हुई शाखाएं (Secondary Tracks)

हर भगंदर एक सीधी रेखा में नहीं होता। कई भगंदर पेड़ की जड़ों की तरह शाखाओं में बँटे होते हैं।

  • चुनौती: अगर ऑपरेशन से पहले एमआरआई (MRI) या विशेषज्ञ जांच के जरिए इन छिपी हुई शाखाओं की पहचान नहीं की जाती, तो वे छूट जाती हैं।

  • परिणाम: मुख्य नली हटाने के बाद भी, ये छिपी हुई शाखाएँ संक्रमित रहती हैं और फिर से भगंदर को जन्म देती हैं।

3. झोला-छाप डॉक्टरों और गलत क्षारसूत्र का खतरा

बिहार के ग्रामीण इलाकों में लोग अक्सर नीम-हकीमों से धागा डलवा लेते हैं या अनजान दवाइयां लगवाते हैं।

  • खतरा: सही क्षारसूत्र एक अच्छी विधि है, लेकिन जब यह अनाड़ी हाथों से की जाती है, तो धागा सही रास्ते पर नहीं होता। इससे नली तो साफ नहीं होती, लेकिन वहां के मांस में इतने निशान (Scarring) पड़ जाते हैं कि भविष्य में सही ऑपरेशन करना भी मुश्किल हो जाता है।

4. कब्ज और साफ-सफाई की कमी

इलाज केवल ऑपरेशन थियेटर में खत्म नहीं होता। पुरानी कब्ज और मलद्वार के पास सफाई की कमी के कारण ठीक हो रहे ऊतकों में फिर से संक्रमण हो सकता है।


आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) में स्थायी इलाज कैसे संभव है?


आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) में हमारा लक्ष्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि बीमारी दोबारा न हो।

  • पूरी मैपिंग: हम ऑपरेशन से पहले 'नली' के पूरे रास्ते और उसकी शाखाओं की सटीक पहचान करते हैं।

  • पूर्ण निष्कासन: चाहे हम लेजर सर्जरी का उपयोग करें या न्यूनतम चीरा तकनीक का, हम सुनिश्चित करते हैं कि अंदरूनी सुराख पूरी तरह बंद हो और पूरी संक्रमित नली साफ हो जाए।

  • विशेषज्ञ मार्गदर्शन: हम आपको सही आहार (Diet) और सफाई का तरीका बताते हैं ताकि घाव अंदर से पूरी तरह भर जाए।


बार-बार होने वाले भगंदर के चक्र को तोड़ें। अगर आपका भगंदर वापस आ गया है, तो अस्थायी समाधानों को छोड़ें और एक ऐसे विशेषज्ञ को चुनें जो पूरी 'नली' हटाने के महत्व को समझता हो।


भगंदर के स्थायी और पक्के इलाज के लिए आज ही आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) से संपर्क करें।


Book Appointment:

Whatsapp - 9934034444

Patna - 9835240597

Biharsharif - 06112-233502

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