top of page

स्टेंट के साथ जीवन: यूरेटरिक स्ट्रक्चर ऑपरेशन के बाद क्या उम्मीद रखें

  • लेखक की तस्वीर: Kumar Rishank
    Kumar Rishank
  • 23 अक्टू॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

यदि आपने हाल ही में आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) में यूरेटरिक स्ट्रक्चर की सर्जरी करवाई है, तो आपके अंदर यूरेटरिक स्टेंट नामक एक छोटी, अस्थायी ट्यूब डाली गई होगी। यह स्टेंट आपकी रिकवरी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो एक आंतरिक सहारा (splint) के रूप में कार्य करता है। क्या उम्मीद करनी है, यह जानना इसे प्रबंधित करना आसान और तनावमुक्त बनाता है:


आपके स्टेंट की भूमिका को समझना

यह स्टेंट एक पतली, लचीली ट्यूब है जो गुर्दे से शुरू होकर, सर्जिकल स्थल (जहाँ सिकुड़न की मरम्मत की गई थी) से गुजरते हुए, मूत्राशय तक जाती है। इसका प्राथमिक कार्य ठीक हो रही मूत्रवाहिनी को खुला रखना और मूत्र को सुरक्षित रूप से निकालने देना है, जबकि नाजुक ऊतक ठीक हो रहा होता है। यह नई मरम्मत पर दबाव को रोकता है और गुर्दे की रक्षा करता है।


क्या उम्मीद करें (सामान्य दुष्प्रभाव):

  1. मूत्राशय में जलन और बार-बार पेशाब: बार-बार, तत्काल पेशाब करने की आवश्यकता महसूस होना, या हल्का जलन अनुभव करना सामान्य है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि स्टेंट का छोटा सिरा मूत्राशय में रहता है और हल्की जलन पैदा करता है। इन लक्षणों को आमतौर पर डॉ. दीपा वर्मा द्वारा निर्धारित दवा से प्रबंधित किया जा सकता है।

  2. पेशाब में खून (हेमट्यूरिया): शारीरिक गतिविधि या व्यायाम की अवधि के बाद खून दिखना सामान्य है। स्टेंट मूत्राशय और मूत्रवाहिनी की परत से हल्के से रगड़ खाता है। पानी पीना मुख्य है: खूब पानी पीने से (प्रतिदिन कम से कम 3 लीटर) मूत्र पतला होता है और यह जलन कम होती है।

  3. पेशाब करते समय कमर में दर्द: कुछ मरीजों को पेशाब करते समय गुर्दे के क्षेत्र में हल्का दर्द या दबाव महसूस होता है। इसे 'स्टेंट रिफ्लक्स' कहा जाता है, जहाँ मूत्राशय के दबाव के कारण मूत्र क्षण भर के लिए स्टेंट से वापस ऊपर की ओर जाता है। यह आमतौर पर हानिरहित होता है लेकिन परेशान कर सकता है।

  4. गतिविधि का प्रबंधन: हालाँकि आपको भारी वजन उठाने से बचना चाहिए, हल्के चलना और सामान्य दैनिक गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाता है। अत्यधिक जोर लगाने से स्टेंट हिल सकता है या रक्तस्राव बढ़ सकता है।


स्टेंट कब हटाया जाता है?

स्टेंट आमतौर पर 4 से 6 सप्ताह तक लगा रहता है, जिससे नई मरम्मत पूरी तरह से ठीक हो सके और अपनी ताकत हासिल कर सके। हटाना एक त्वरित, अक्सर दर्द रहित आउट पेशेंट प्रक्रिया है जो आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) में आपके विशेषज्ञ द्वारा की जाती है, जिसमें आमतौर पर केवल कुछ मिनट लगते हैं।

स्टेंट आपकी सुरक्षा कवच है। अपने सर्जन की सलाह का पालन करें, हाइड्रेटेड रहें, और किसी भी गंभीर, लगातार दर्द या तेज बुखार की सूचना तुरंत दें। हमारी ऑपरेशन के बाद की देखभाल टीम आपकी रिकवरी में मार्गदर्शन करने के लिए यहाँ है।

हाल ही के पोस्ट्स

सभी देखें
सेप्सिस (Sepsis) का खतरा: बिहार के मरीजों के लिए भगंदर का 'झोला-छाप' इलाज क्यों जानलेवा है?

बिहार  के वैशाली, सारण और मुजफ्फरपुर जैसे जिलों में दीवारों और खंभों पर अक्सर "बिना ऑपरेशन भगंदर का 100% पक्का इलाज" के विज्ञापन चिपके मिलते हैं। भगंदर (Bhagandar)  की शर्मिंदगी झेल रहे मरीजों को ये "

 
 
 
भगंदर (Fistula) बनाम बवासीर (Piles): बिहार में 'मवाद' और 'दर्द' की सही पहचान

बिहार  के गांवों और शहरों में एक बहुत बड़ी गलतफहमी है: शौच के रास्ते में होने वाली हर समस्या को लोग "बवासीर" समझ लेते हैं। आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर)  में कई मरीज यह कहकर आते हैं कि उन्हें बवासीर

 
 
 
बच्चों और वयस्कों में हाइड्रोसील: अलग-अलग उम्र में कारणों को समझना

बिहार  के परिवारों के लिए, अंडकोष में सूजन—एक हाइड्रोसील  या "अंडकोष में पानी भरना" —भ्रम का कारण बन सकता है। क्या यह खतरनाक है? क्या इसके लिए सर्जरी की ज़रूरत है? इसका जवाब लगभग पूरी तरह से मरीज की उ

 
 
 

टिप्पणियां


bottom of page