भगंदर (Fistula) बनाम बवासीर (Piles): बिहार में 'मवाद' और 'दर्द' की सही पहचान
- Kumar Rishank
- 27 दिस॰ 2025
- 2 मिनट पठन
बिहार के गांवों और शहरों में एक बहुत बड़ी गलतफहमी है: शौच के रास्ते में होने वाली हर समस्या को लोग "बवासीर" समझ लेते हैं। आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) में कई मरीज यह कहकर आते हैं कि उन्हें बवासीर (Bawaseer) है, लेकिन जांच करने पर पता चलता है कि उन्हें वास्तव में भगंदर (Bhagandar) है।
इन दोनों बीमारियों को एक समझना आपके इलाज को बिगाड़ सकता है। अगर आप "झोला-छाप" डॉक्टरों के चक्कर में पड़ते हैं, तो समस्या और बढ़ सकती है। यह समझना बहुत जरूरी है कि आपको "मस्सा" (Piles) है या "मवाद वाली नली" (Fistula)।
🔴 बवासीर (Piles) क्या है?
बवासीर में मलद्वार के अंदर या बाहर की नसें सूज जाती हैं।
मुख्य लक्षण: ताजा लाल खून। शौच के दौरान खून की बूंदें गिरना या पिचकारी जैसा खून आना बवासीर की पहचान है।
कैसा महसूस होता है: आपको मलद्वार पर नरम "मस्सा" महसूस हो सकता है।
दर्द: आमतौर पर शुरुआती बवासीर में दर्द कम होता है, मुख्य समस्या खून आना और खुजली होती है।
🟡 भगंदर (Fistula) क्या है?
भगंदर एक जटिल बीमारी है। इसमें मलद्वार के अंदर से बाहर की त्वचा तक एक सुराख या नली बन जाती है।
मुख्य लक्षण: मवाद (Pus) और पानी आना। अगर आपके कपड़ों पर पीला मवाद, खून मिला हुआ पानी या बदबूदार तरल लगता है, तो यह भगंदर है।
कैसा महसूस होता है: मलद्वार के पास एक छोटा छेद या फुंसी जैसा महसूस होता है, जो बार-बार फूटता है और फिर भर जाता है।
दर्द: इसमें लगातार टीस मारने वाला दर्द होता है, जो बैठने या चलने पर बढ़ जाता है।
🔍 अंतर कैसे पहचानें?
लक्षण | बवासीर (Piles) | भगंदर (Fistula) |
क्या निकलता है? | ताजा खून (Blood) | मवाद, पानी या बदबूदार तरल (Pus) |
बनावट | मांस के टुकड़े जैसा "मस्सा" | मलद्वार के पास एक छोटा सुराख या छेद |
शुरुआत | अक्सर पुरानी कब्ज के कारण | अक्सर एक दर्दनाक फोड़े (Abscess) के बाद |
बदबू | कोई खास बदबू नहीं होती | मवाद के कारण अक्सर बदबू आती है |
सही जांच क्यों है जरूरी?
बिहार के ग्रामीण इलाकों में लोग बवासीर समझकर जड़ी-बूटियां या लेप लगाते रहते हैं। लेकिन अगर वह भगंदर है, तो ये तरीके कभी काम नहीं करेंगे। भगंदर एक खरपतवार की जड़ की तरह है—जब तक पूरी "नली" को विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा साफ नहीं किया जाता, यह बार-बार वापस आता रहेगा।
आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर) में हम अत्याधुनिक तकनीक से भगंदर के रास्ते (Tract) की पहचान करते हैं। चाहे वह लेजर सर्जरी हो या न्यूनतम चीरा (Minimal Access), हम सुनिश्चित करते हैं कि मवाद की जड़ पूरी तरह खत्म हो जाए ताकि बीमारी दोबारा न हो।
अपने "भगंदर" को "बवासीर" समझकर नजरअंदाज न करें। अगर आपको मवाद आता है या मलद्वार के पास दर्दनाक फुंसी है, तो सही जांच और पक्के इलाज के लिए आज ही हमारे विशेषज्ञों से मिलें।
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