top of page

गर्भाशय सर्जरी से कैसे बचें: बिहार की महिलाओं के लिए डॉक्टर की सलाह

  • लेखक की तस्वीर: Kumar Rishank
    Kumar Rishank
  • 27 सित॰ 2025
  • 2 मिनट पठन

बिहार, पटना एवं बिहार शरीफ में कई महिलाएँ गर्भाशय संबंधी समस्याओं के कारण TLH (टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टरेक्टॉमी) सर्जरी करवाती हैं, पर कई स्थितियों में इसकी रोकथाम संभव है। अशिर्वाद हेल्थकेयर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह निम्नलिखित है:

TLH सर्जरी से बचाव कैसे करें?

TLH अधिकतर फाइब्रॉइड (गाँठ), भारी ब्लीडिंग, एंडोमेट्रिओसिस, या महिला कैंसर जैसी बीमारियों में की जाती है। इनमें से कई कारण नियंत्रण में लाए जा सकते हैं—अगर सही समय पर कदम उठाए जाएं।


बिहार की महिलाओं के लिए मुख्य रोकथाम उपाय

1. नियमित चेकअप:

  • हर साल महिला रोग विशेषज्ञ से मेडिकल जाँच, सोनोग्राफी और ब्लड टेस्ट कराएँ।

2. लक्षणों का समय पर इलाज:

  • लगातार भारी रक्तस्राव, अत्यधिक दर्द या पेट में दबाव महसूस हो तो नजरअंदाज न करें; समय पर दवा या जीवनशैली में बदलाव से सर्जरी की जरूरत कम होती है।

3. पोषण एवं स्वस्थ जीवनशैली:

  • संतुलित खानपान (आयरन, कैल्शियम), नियमित व्यायाम और वजन नियंत्रण।

  • तनाव कम करें, जिससे हार्मोनल डिसबैलेंस न हो।

4. संक्रमण से सुरक्षा:

  • व्यक्तिगत साफ-सफाई बनाए रखें, सुरक्षित यौन संबंध रखें, और किसी भी इंफेक्शन का तुरंत इलाज कराएँ।

5. स्वयं दवा न लें:

  • लंबे समय तक बिना डॉक्टर के सलाह के हार्मोन या दर्द की दवा न लें।

6. फर्टिलिटी प्लानिंग:

  • परिवार नियोजन, गर्भधारण के विकल्प और गर्भाशय स्वास्थ्य के बारे में डॉक्टर से सलाह लें।

7. जागरूकता:

  • महिलाओं के स्वास्थ्य शिविर, सेमिनार और ऑनलाइन काउंसिलिंग में भाग लें; अपने लक्षणों पर खुलकर चर्चा करें।

डॉक्टर से कब मिलें?

  • असामान्य ब्लीडिंग, लगातार पेट दर्द, माहवारी चक्र में बदलाव, या परिवार में महिला रोग का इतिहास हो।


अशिर्वाद हेल्थकेयर कैसे मदद करता है?

  • महिला स्वास्थ्य की रोकथाम के लिए विशेष स्क्रीनिंग पैकेज

  • अनुभवी गायनोलोजिस्ट से सलाह

  • डिजिटल फॉलोअप और व्हाट्सएप पर देखभाल सुविधा

  • समय पर इलाज और सर्जिकल काउंसिलिंग

हाल ही के पोस्ट्स

सभी देखें
भगंदर के मरीजों के लिए सही आहार: सत्तू और हरी सब्जियां कैसे पहुंचाती हैं फायदा

आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर)  में हम अपने मरीजों से अक्सर कहते हैं कि सफल सर्जरी केवल 50% इलाज है। बाकी का 50% आपके खान-पान पर निर्भर करता है। बिहार  का हमारा पारंपरिक खान-पान प्राकृतिक रूप से फाइबर

 
 
 
भगंदर बार-बार क्यों होता है? पूरी 'नली' को हटाने का महत्व और पक्का इलाज

एक मरीज के लिए इससे ज्यादा निराशाजनक कुछ नहीं होता कि वह भगंदर (Bhagandar)  का दर्दनाक इलाज कराए और कुछ महीनों बाद फिर से मवाद और दर्द वापस आ जाए। बिहार  में आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर)  में हम ऐसे

 
 
 
ऑपरेशन के बाद देखभाल: डॉ. दीपा वर्मा (Physician) से शीघ्र रिकवरी के लिए आवश्यक सुझाव

आशीर्वाद (डॉ. विनोद हेल्थकेयर)  में हाइड्रोसील  ( "अंडकोष में पानी भरना" ) के लिए हाइड्रोसीलैक्टोमी  करवाना स्थायी इलाज की दिशा में निर्णायक कदम है। हालाँकि हमारे सर्जन एक सफल न्यूनतम इनवेसिव  प्रक्रि

 
 
 

टिप्पणियां


bottom of page